नयना से देखत,फूटेले किरिनिया
नयना से देखत ,फूटेले किरिनिया
-----------------------------------------
हमरो बलमुवां के सांवरी सुरतिया
देखेला पर बिहंसे मोहनी मुरतिया।
चलेलन खोलिके कुरता के बटमिया
धक-धक करे लागे हमरो पिरितिया।
बड़ा लहरदार बाटे उनुकर अंखिया
नयना से देखत , फूटेले किरिनिया।
पातरे कमर , सेरवन नियन छतिया
पनवा खाले तबो चमके बिजुरिया।
फर-फर उड़ेला लमहरकी मोछिया
मोछिये पर लटके हमरे जिनिगिया।
हमरो बलमुवां के सुगा के नकिया
ओठवा से चुवे नेहिया के पनिया।
देवकुल लागसु जब बांधे पगरिया
टिका बनावे कामदेव के सुरतिया।
पान खात सैंया देख,ढ़हे सवतिया
पाई के इनके जागल किसमतिया।
जब-जब हमरा के देखि मुसुकालें
होके जवान दवुरे हमरो उमिरिया।
विसनु जी के पूजा करीं लरिकइयां
तब मिलल बाड़ें बांका मोर संइया।
पल-पल हमके बतावें सभे बतिया
बड़ा सुख पाईं,छुवे नाहीं बिपतिया।
--------------------
राम बहादुर राय
भरौली,बलिया,उत्तर प्रदेश
Comments
Post a Comment