ए माई अबो ले आवऽ

ए माई अबो ले आवऽ
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ढ़ेर भइल बाड़न दुशुमनवा
मिटावतरन नामवा,
निउज-भिउज के पावे खातिर
गन्दा गावे गानवा।

फूहर-पातर गावत गाइके
बदनाम करत बाड़न,
ई भोजपुरी के दुशुमनवा
मिटावतरन नामवा।

चीरहरन कइले दुहसासन
चलता ओकरे सासन,
तंग करताड़न राछाछवा
बढ़ल अत्याचारवा।

आइल नवरात्र ए मइया
आके अब बचावऽ,
अपना भगता के सिखावऽ
खाली बा आसनवा।

जइसने बाड़न लिखवईया
गंध मचवले गवइया,
चिर उधियावे आयोजकवा
भोजपुरिया असुरवा।

भोजपुरी गोहरावत हई
माई अब तूं आवऽ,
बलात्कारियन से बचावऽ
बचावऽ परानवा।
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@राम बहादुर राय
भरौली,बलिया,उत्तर प्रदेश 
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