आज का परिवेश

जो अनफिट था
वही फिट है।

जो फिट था
वही अनफिट है।
     -----
राम बहादुर राय
    "अकेला"                 

Comments

Popular posts from this blog

५९-कहां होत बरसात बा,लउकत धूरे धूर