मां तो मां होती है!!!

मां के लिए दो शब्द:
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मां सिर्फ़ केवल शब्द नहीं
सिर्फ़ भावना भी तो नहीं है

सम्पूर्णता की व्याख्या है मां
लघु गुरु की मोहताज नहीं

स्वयं व्याख्यान होती है मां
आंसूं और मुस्कुराहट से भी

सदैव उपर होती है एक मां
अकेला ही नहीं वह हर एक

हृदय की धड़कन होती मां
कितना भी कष्ट होता है उसे

बच्चों के लिए सहती है मां
हम ज़मीन और संसार पर हैं

वह स्वयं में संसार है एक मां
धरती पर तो भगवान है मां
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@राम बहादुर राय

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