देवों के देव महादेव जी!!!
देवों के देव महादेव हो!!!
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जटवा में गंगा जी बहसु
लिलारा चनरमा हो!
जूड़ा केतना बड़ होइहें
गंगा रहि गइली हो!
जेकर संहतिया बिषहा
किरा-बिच्छी प्रेत हो!
जटा-जूटा टेढ़ मेढ़ बा
लिलारा त्रिनेत्र हो!
छाला मृगछाला सोहेला
हथवा में त्रिशूल हो!
जेकर आदि न अंत बाटे
उहे हवुंए महादेव हो!
रहेलन जहंवा शिव जी
भूतवन के बसेड़ हो!
शिव जी डमरू बजावसु
खालें भांग-धतूर हो!
कवनो ना भेदभाव करसु
हवुंए अवघड़दानी हो!
गरवा में किरवा शोभेला
देखेला सब ओर हो!
भैरो नन्दी रखवारी करसु
उहे हवुंए महादेव हो!
मांई गवुरा डेराइ गइली
कइसे रहबि संग हो!
शिवजी कहाले अड़भंगी
होलें सबके सहाय हो!
जब ना चले कवनो चारा
सहारा देले महादेव हो!
सृष्टि के साधक हवुंए शिव
पी गइलें हलाहल हो!
कंठ नीलकंठ महादेव जी
करेलें पाप के नाश हो!
जेकरा में सृष्टि समाहित
हर हर महादेव हो!
केतनो केहू बखान करेला
महादेव जी अनन्त हो!
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रचना स्वरचित अउरी मौलिक
@सर्वाधिकार सुरक्षित।।
राम बहादुर राय
भरौली, बलिया,उत्तरप्रदेश
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