सत्य सनातन जीत गइल

शाश्वत सत्य के जीत भइल!
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युग राम राज के आइ गइल
घर-घर भगवा फहरा गइल!

सत्य सनातन जीत गइल
फिर से राम राज आ गइल!

मन्दिर-मस्जिद बहुत भइल
विधर्मिन के अवसान भइल!

चहुंओर राम के राज भइल
प्रभु राम के अब राज भइल!

नया युग के शुरुआत भइल
रंग भगवा सगरो छा गइल! 

मेघ- कुम्भकरन  भाग गइल 
धरती के  बोझा  कम भइल! 

बरिसन से  सब चाहत रहल 
आज मनवुती पूरा हो गइल!

हिन्दू-सनातन  शाश्वत रहल 
फिर श्री राम के ताज भइल!

पुराना वैभव  फिर आ गइल 
श्री राम से अहोभाग्य भइल! 

ई  शुभ दिन अब आइ गइल
सत्य  सनातन  जीत  गइल!
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रचना स्वरचित,मौलिक 
@सर्वाधिकार सुरक्षित। ।
राम बहादुर राय 
भरौली,बलिया,उत्तर प्रदेश

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