हम नहीं हैं कभी पाला बदलने वाले
हम नहीं हैं कभी पाला बदलने वाले
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तिल तिल के जलते रहेंगे जलने वाले
हम हैं ज़हर को भी शहद बनाने वाले।
है कैसा ज़माना हमें मतलब है क्या
क्या जानें प्यार क्या है ज़माने वाले।
तुम रार करो या नफरत कर लो मुझसे
नहीं वजूद से अपने हम डिगने वाले।
कोई करता है सियासत तो करता रहे
हम भाईचारे को नहीं तोड़ने वाले।
रक्षा मान सम्मान का भी हम कर लेंगे
नहीं टुकड़ों पर किसी के हम पलने वाले।
कायम हैं कायम रहेंगे बात पर अपनी
हम नहीं हैं कभी पाला बदलने वाले।
भले ही फक्कड़ आदमी हैं राम बहादुर
किसी के रहम पर नहीं हैं जीने वाले।
मैदान में अगर हम उतर ही जायेंगे
किसी कीमत पर नहीं हैं भागने वाले।
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राम बहादुर राय
भरौली,बलिया,उत्तर प्रदेश
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