आछो आछो करी सब,रहबऽ ढ़ेर कमाते
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योग्य तबे तूं होखबऽ,रहबऽ जाति जमात
आछो आछो करी सब,रहबऽ ढ़ेर कमात।

रेप करऽ चाहे मडर,नइखे कवनो बात
दोस ना देखब ओकर,चाहीं आपन जात।

टेढ़ होखे भा बांगुच,नीक चाहे खराब
कहब नीमन अपने के,चाहे पिये सराब।

लड़िका बा हमार तऽ,गलती बाटे माफ
पइसा फेकब एतना,बची बबुववा साफ।

केतनो करऽ मजूरी,ठेठा लऽ जांगर
पइसा कउड़ी रही तऽ,धिया पूत आगर।

पूछी सबहर तोहके,रही हाथ में दाम
रुपया पइसा ना रही,बिगरी बनलो काम।

जवन जे विरोध करता,करत उहे बा काम
अपना पर कुछ परत बा,मुंह हो जाता जाम।

मचल रउराठ जाति के,बिगरत बा अब बात
अटर पटर सब बोलता,नइखे कुछू बुझात।

सुनऽ ए राम बहादुर,मति करिहऽ रउराठ 
केकरा कुछ कहबऽ तूं,सुन के होखब काट।
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राम बहादुर राय
भरौली,बलिया,उत्तर प्रदेश
#highlightseveryone

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