सुलझ जाते हैं मसले, संवाद होना चाहिए 
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बात जब बिगड़ जाय तो बात होनी चाहिए 
बात बने या न बने,शुरुआत होनी चाहिए।

चल रहा है दौर अब साज़िशों का बेहिसाब
कर रहा है कौन यह बात समझनी चाहिए।

बढ़ रही संख्या आजकल नक़ाब पोशों की
बदल गया ज़माना,सूरत बदलनी चाहिए।

हर पोशीदे के साथ चल रहा है आइना
सूरत के साथ सीरत भी बदलनी चाहिए।

घूम रही हैं मृग मरीचिकायें भेष बदलकर
लगे प्यास तो सावधानी बरतनी चाहिए।

विवाद हो मगर संवाद अति आवश्यक है
सुलझ जाते हैं मसले,संवाद होना चाहिए।

लड़ो झगड़ो चाहे ख़ून की नदियां बहा लो
अन्त में होगा यही कि बात होनी चाहिये।

चुपचाप तमाशा देखने से कुछ नहीं होगा 
राम बहादुर को ही बात चलानी चाहिए।
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राम बहादुर राय 
भरौली,बलिया,उत्तर प्रदेश
#highlightseveryone

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