समय पर काम न आये वो यार नहीं होते

समय पर काम न आये वो यार नहीं होते
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तलबगार बने हैं जो मददगार नहीं होते
समय पर काम न आये वह यार नहीं होते।

जिंदगी की जद्दोजहद में देखा है हमने
जो होना है उस पर अख्तियार नहीं होते।

हर इल्म का आइना हाथों में है अपने
लगा लेने से क्रीम चेहरे साफ नहीं होते।

सोच समझकर बोलना भाई राम बहादुर
चलाये बाण और शब्द वापस नहीं होते।

वक्त सबका आता है एक दिन ऐ साहब
किये गये सार्थक प्रयास बेकार नहीं होते।

भ्रम दूर करो सिकन्दर से डर जायेंगें हम
कोई सिकन्दर हमसे यहां पार नहीं होते।

अभी तो सीख रहे हैं कलम चलाने हम
चुप रहते हैं जो कभी कमजोर नहीं होते।

शापित कर्ण को तो मार पाओगे धोखे से
छल से जीतने वाले कभी वीर नहीं होते।
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राम बहादुर राय
भरौली,बलिया,उत्तर प्रदेश



























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