तुम समझते हो तुम पर कोई नजर ही नहीं
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तुम समझते हो तुम पर कोई नज़र ही नहीं
ये नज़र तुम्ही पर तो है खबर तुम्हे ही नहीं।

करती होगी दुनिया बहुत इज्जत तुम्हारी
लेकिन घर में तुम्हारी तो इज्जत ही नहीं।

बातों के असर का होता बहुतों पर असर
मगर तेरे अपनों पर कोई असर ही नहीं।

कमियां होती हैं हर आदमी में कुछ न कुछ
आदमी,आदमी है कोई ख़ुदा तो नहीं।

हर एक आदमी में है एक अलग आदमी
क्या  करे  ना करे  कोई  बन्धन तो नहीं।

सच जो भी हो स्वीकार करना ही चाहिए
सच तो सच होता है वह बदलता तो नहीं।

काट कर गला किसी का मन्दिर में जाने से
किया है जो पाप वह कभी धुलता तो नहीं।

होती है मुकर्रर सजा हर एक बुरे कर्मों की
करेंगे गलत काम वह बच सकते तो नहीं।

लगे रहो तुम राम बहादुर सच्ची लगन से 
देर होगी पर भंवर रोक सकती तो नहीं।
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राम बहादुर राय
भरौली,बलिया,उत्तर प्रदेश
#highlightseveryone

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