जो दिखता भरा वह खाली है

जो दिखता भरा वह खाली है
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दुनिया ये कैसी निराली है
जो दिखता भरा वह खाली है।

अजब-गजब होते कारनामे
जो असली है वही जाली है।

मौज उड़ाते साली के संग
कहता है गलत घरवाली है।

करता काम यहां दूसरा है
बनता और कोई माली है।

कहता है बहुत प्रदूषण है
जलाता स्वयं ही पराली है।

बैठकर झूठ की गंठरी पर
दे रहा सच को वह गाली है।

गरीबी उन्मूलन के नाम पर
छीनता गरीब की थाली है।

बहुरेंगे कब हमारे भी दिन
पूछ दो तो कहें बवाली है।
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राम बहादुर राय

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