तीर्थ सभी मां-बाप हैं,सिर उनके चरण में रखना 
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चाहे तुम गॉंव में रहना चाहे शहर में रहना
पूंजी बाप दादा की संजोकर याद में रखना।

बेचकर संस्कार बन रहे आधुनिक यहां के लोग
जिस मां ने तुझको जन्म दिया उसे साथ में रखना।

पढाई कोई भी करना मर्यादा याद तुम रखना
अफ़सर बन गये कोई तो दिमाग गॉंव में रखना।

रुठ जायें बहन-भाई तो मना लेना उन्हें तुम
बचपन की प्यार भरी शरारतें याद में रखना।

पढ़ते थे साथ जिनके तुम उनका सम्मान करना 
चाहे कुछ भी करें वो साथी तुम प्यार में रहना।

बड़ा होने का मतलब ये नहीं,हो गये बड़े तुम 
टूट जायेगा भ्रम सिर मां के आंचल में रखना।

चाहे तुम गॉंव में रहना चाहे शहर में रहना
तीर्थ सभी मां-बाप हैं,सिर उनके चरण में रखना 
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राम बहादुर राय 
भरौली,बलिया,उत्तर प्रदेश
#highlightseveryone

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