तरुणाई जब तक रहे,क्यों करें आराम
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दबा सकते नहीं कभी,मन की अपनी बात
कह दो बात अपनी तुम,झेलो मत आघात।।

रहकर दायरे में तुम,करते रहना काम
तरुणाई जब तक रहे,क्यों करें आराम।।

समय समय की बात है,समय होत बलवान
लक्ष्य साधना में लगो,फल देंगे भगवान।।

कहते कृष्ण गीता में,मत करना तुम मोह
है अपना कोई नहीं,करना क्यों बिछोह।।

पहले से सब निश्चित है, है गीता की बात
हर चीज की सीमा है,सनद रहे अवकात।।

करने को कुछ ठान लो,लेकर तुम संकल्प
कारसाज नहीं हैं प्रभु,देंगे तुम्हें विकल्प।।

जो लगा कुछ पाया है,लगे रहो दिन रात 
राम बहादुर जान लो,छोड़ो बीती बात।।
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राम बहादुर राय 
भरौली,बलिया,उत्तर प्रदेश
#highlightseveryone

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