दिल के दरिया नियन, बनावे के परी
-------------------------------
दिल के दरिया नियन, बनावे के परी
बात कहल सुनल ,जे भुलावे के परी।

लाख समझाई,कतनो दिल के मगर
जुबां पे सांच बात ,लावे के परी।

दिल के दरिया नियन,बनावे के परी 
बात कहल सुनल,जे भुलावे के परी

चलबऽ रहिया में तऽ ,काँटा भी मिली
आगे बढ़े बदे ,जे हटावे के परी।

दिल के दरिया नियन,बनावे के परी 
बात कहल सुनल,जे भुलावे के परी।

प्यार अनमोल होला,ओकरा खातिर 
तन-मन धन,तोहके,लुटावे के परी।
               ----------
राम बहादुर राय 
भरौली,बलिया,उत्तर प्रदेश 









Comments

Popular posts from this blog

५९-कहां होत बरसात बा,लउकत धूरे धूर